Oxygen-Park

कुछ महीनो पहले वर्ल्ड का 20% ऑक्सीजन जेनेरेट करने वाले अमेज़न जंगल में आग लग गयी थी। और ये आग इतनी भयाव थी कि 2 महीने से भी अधिक समय तक अमेज़न के जंगल धूं-धूं कर जलते रहे। इसके अलावे भी भारत में भी मानसून के आने से पहले जंगलों से आग की खबरें आती रही है। जिससे ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ा है। साफ ऑक्सीजन को लेना बॉडी के लिए कितना जरुरी है ये हर कोई जनता है। लेकिन इसके लिए लोग अपनी तरफ से कुछ नहीं करते हैं।

ग्लोबल वार्मिंग, दुनिया के सबसे बड़े मुद्दों में से एक है। इसके लिए दुनिया भर की सकरारें कई योजनाएं ला रही हैं। जिससे इसे कण्ट्रोल किया जा सके। इसके लिए बिहार सरकार भी अपना कदम आगे बढ़ा रही है। और अब इसी बढ़ते कदम के साथ बिहार में पहला ऑक्सीजन पार्क बनने जा रहा है।

26 ऑक्टूबर 2019 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना जल-जीवन-हरियाली की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत कई काम किये जायेंगे। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण काम जो था वो था पुरे बिहार में 1.5 करोड़ पौधे लगाना। जिसे नीतीश सरकार के प्रसाशन द्वारा इस संख्या को पूरा किया जा रहा है। लेकिन अब ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए बिहार में ऑक्सीजन पार्क बनाने की कवायत की जा रही है। जो बिहार का पहला ऑक्सीजन पार्क होगा।

बिहार के गोपालगंज जिले के थावे में बिहार का पहला ऑक्सीजन पार्क बनाया जाएगा। इसमें बांस की खास किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। इस ऑक्सीजन पार्क में ओपन जिम, झूले और फव्वारे भी लगाए जायेंगे। जो लोगों को अपनी और आकर्षित करेगा।

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देशभर के 75 शहरों को नगर वन योजना से वन इलाकों को विकसित करने की तैयारी है। गोपालगंज के पास थावे के जंगल का चयन इस योजना के लिए किया गया है। थावे के जंगल में बनने वाला अक्सीजन पार्क बेहद खास होगा। क्योंकि यहां तमिलनाडु के सेलम ऑक्सीजन पार्क के तर्ज पर बांस के विशेष किस्म के पौधे लगेंगे।

वन विभाग जल्द ही गोपालगंज के थावे वन परिसर में ऑक्सीजन पार्क के लिए सटीक जगह का चयन करके ब्लू प्रिंट तैयार कर करने वाली है। इस पार्क के बनने से वातावरण शुद्ध होगा और पर्टयन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित ऑक्सीजन पार्क में ओफन जिम, झूले और फव्वारे भी लगाए जाएंगे। परिसर में मौजूद तालाब के रूप रेखा को भी बदला जायेगा। जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

वन परिसर में थावे मंदिर मौजूद है। यहां देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्हें ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन पार्क में पैदल पथ बनाया जाएगा। ऑक्सीजन पार्क बनने के बाद मॉर्निंग-इवनिंग वॉक पर लोग यहां आ सकेंगे। छात्र पार्क में बैठकर सुकून से पढ़ाई भी कर सकेंगे। इससे लोगों की सेहत में सुधार होगा। जैव विविधता के संरक्षण और संवर्द्धन में मदद मिलेगी।

अब आपको बताते हैं कई इस पार्क में कौन कौन से पौधे लगाए जायेंगे जो लोगों के लिए प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ेगी। इस ऑक्सीजन पार्क में तमिलनाडु के सलेम की तर्ज पर बांस की खास किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। इसमें बांस के भीमा प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। दूसरों पौधे के मुकाबले भीमा बांस 35 प्रतिशत ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं। साथ ही इन पौधों की आयु भी दूसरे बांस से ज्यादा होती है। इसे एकबार लगाने के बाद यह तेजी से फैलता और बढ़ता है। खास बात यह है कि भीम प्रजाति के बांस को बार-बार लगाने की जरुरत नहीं पड़ती है। यह तेजी से विकसित होता है।

थावे मंदिर बिहार के एक बड़े पर्यटन स्थल में आता है। यहां पर घूमने के लिए बाकी राज्यों और साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों लोग आते हैं। यह मंदिर उनके लिए एक आस्था का प्रतीक है। थावे मंदिर में चैत्र रामनवमी के समय एक महीने का मेला लगाया जाता है। बताया जाता है कि माता को एक भक्त के पुकारने पर वह राजा मनन सेन के नाश के लिए कामाख्या से चलकर थावे आई थी। जिसके बाद वह यहीं बस गई। इसके साथ ही मान्यता है कि माता के दर्शन से सभी भक्तों की मनोकामनाऐं पूरी होती हैं।

इसीलिए थावे के जंगल में मंदिर के पास इस पार्क के बनने से पार्क में पर्यटकों की भीड़ भी उमड़ेगी। इस पार्क के बनने से वातावरण स्वच्छ तो होगा ही साथ ही साथ लोगों को भी स्वच्छ ऑक्सीजन प्राप्त होगा। जिससे सांस से जुड़ी कई बीमारी लोगों से दूर होगी।

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