ससुराल जाने के लिए निकला छवि मुसहर 12 वर्ष पहले भटकते-भटकते पाकिस्तान चला गया था। आखिरकार वहां की जेल से रिहाई के बाद वह बक्सर के खिलाफतपुर स्थित अपने गांव पहुंच गया है। छवि के लौटने से पूरे गांव में खुशी हैं और परिजन मिठाई खिलाकर जश्न मना रहे हैं।
12 साल लापता होने के कारण उनके घरवालों ने छवि को मृत मान लिया था। लेकिन अब पूरा परिवार बेहद खुश हैं। लेकिन जिस पत्नि को लाने के लिए उन्होंने 12 साल का बनवास काटा वो अब किसी दूसरे से शादी कर ली है।
क्या है कहानी
स्व. लोरिक मुसहर के पांच बेटों में तीसरे छवि मुसहर की शादी भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र में स्थित गांव में हुई थी। बेटा भी पैदा हुआ। छवि ने बताया कि उसकी पत्नी एक बार यहां से अपने मायके चली गई थी। उससे मिलने और घर लाने के लिए वह बारह साल पहले अपनी ससुराल लाल किला एक्सप्रेस ट्रेन से जा रहा था, तभी कुल्हड़ियां में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके बाद छूटने के बाद वह घर जाने के क्रम में इधर-उधर भटक गया। वहीं से बॉर्डर पारकर वह कब कैसे पाकिस्तान चला गया कुछ भी पता नहीं चला।
उसने बताया कि तीन साल पूर्व उसको पता चला कि वह पाकिस्तान में है। वहां की पुलिस ने पकड़ कर उससे काफी पूछताछ कर पिटाई भी की। उसने वहां की पुलिस को बताया कि वह ससुराल जा रहा था। इसके बाद उसे जेल में बंद कर दिया। उसके बाद उसको वहां तंग नहीं किया जाता था। भोजन अच्छा दिया जाता था।
इसमें शाकाहारी और मांसाहारी भोजन दोनों होता था। बारह साल बाद यहां लौटकर वह बहुत खुश है। कहा कि वह पहले ईंट भट्टा पर ईंट बनाने का काम करता था, तब उसे तीन सौ रुपए मिलते थे। वह फिर से ईंट बनाने का काम करेगा। वह अब कभी बाहर नहीं जाएगा।
2009 में चौसा के खिलाफतपुर का रहने वाला शादीशुदा छवि मुसहर अचानक घर से गायब हो गया था। तमाम खोजबीन के बाद कहीं पता नहीं चलने पर उसे मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। छवि के अंतिम संस्कार के बाद उसकी पत्नी ने भी किसी दूसरे के साथ शादी कर अपना घर बसा लिया। वह अपने साथ अपने एकमात्र पुत्र को भी लेते गई।
